जामताड़ा में आंदोलनकारियों को सम्मान दिलाने की पहल तेज, 900 चिन्हित सेनानियों के सम्मान की तैयारी

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। झारखंड आंदोलन से जुड़े सेनानियों को उनका सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मंगलवार को देखने को मिली। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, जिला इकाई के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त जामताड़ा से मुलाकात कर अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। इस शिष्टमंडल का नेतृत्व जिलाध्यक्ष नारायण मंडल कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर लगभग 12 बजे उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा जिसमें आंदोलनकारियों के सम्मान से जुड़ी अहम मांगों को शामिल किया गया।मांगपत्र में विशेष रूप से यह उल्लेख किया गया कि झारखंड आंदोलन के दौरान सक्रिय भूमिका निभाने वाले और आंदोलनकारी आयोग द्वारा चिन्हित किए जा चुके लगभग 900 आंदोलनकारियों को अब तक औपचारिक रूप से सम्मानित नहीं किया गया है। ऐसे में इन सभी आंदोलनकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि ये आंदोलनकारी झारखंड राज्य के गठन के लिए वर्षों तक संघर्ष करते रहे हैं और उनके योगदान को सम्मान देना न केवल उनकी हौसला अफजाई करेगा बल्कि नई पीढ़ी को भी प्रेरणा देगा।प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उपायुक्त ने सकारात्मक रुख अपनाया और आश्वासन दिया कि इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन इस मांग को पूरी संवेदनशीलता के साथ देख रहा है और इसे प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को आश्वस्त करते हुए बताया कि संभवतः 1 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच एक भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी चिन्हित आंदोलनकारियों को विधिवत सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम जामताड़ा के दुलाडीह स्थित नगर भवन में आयोजित किया जाएगा जहां बड़ी संख्या में आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक भी उपस्थित रहेंगे।इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर आंदोलनकारियों के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। लंबे समय से अपने योगदान के औपचारिक सम्मान की प्रतीक्षा कर रहे आंदोलनकारियों को अब उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उपायुक्त के आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि यदि यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित होता है तो यह आंदोलनकारियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा।जिलाध्यक्ष नारायण मंडल ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड आंदोलन केवल एक राजनीतिक संघर्ष नहीं था बल्कि यह आम जनता के अधिकारों और पहचान की लड़ाई थी। इसमें शामिल हर व्यक्ति ने अपने स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में उनका सम्मान करना राज्य और समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि मोर्चा आगे भी आंदोलनकारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा और किसी भी प्रकार की उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल में शामिल अन्य सदस्यों ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि कई आंदोलनकारी आर्थिक और सामाजिक रूप से कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें सम्मानित करना उनके मनोबल को बढ़ाने के साथ साथ समाज में उनकी पहचान को भी मजबूत करेगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि कार्यक्रम के आयोजन में पारदर्शिता और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि सभी आंदोलनकारियों को समान रूप से सम्मान मिल सके।इस मुलाकात के दौरान इम्तियाज खान, मुरारी प्रसाद सोनी, भारतेंदु मुर्मू, मनोज राव, अली मोहम्मद, करामत अंसारी, इजराइल अंसारी, अजीम अंसारी और नेबु महतो सहित कई आंदोलनकारी उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में इस पहल का समर्थन किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रशासन को सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।गौरतलब है कि झारखंड राज्य के गठन में आंदोलनकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वर्षों तक चले संघर्ष, धरना प्रदर्शन और जनआंदोलनों के बाद ही झारखंड को एक अलग राज्य का दर्जा मिल पाया। ऐसे में इन आंदोलनकारियों का सम्मान करना न केवल उनके त्याग और संघर्ष की सराहना है बल्कि यह इतिहास के प्रति हमारी जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।अब सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रम पर टिकी हैं। यदि यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होता है तो यह जामताड़ा जिले के लिए एक गौरवपूर्ण अवसर होगा और अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।

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