तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। जामताड़ा जिले के मौजा सहरडाल में बुधवार को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड जसीडीह की ओर से एक व्यापक सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम और ऑफ साइट मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। हल्दिया बरौनी पाइपलाइन परियोजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पाइपलाइन सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ग्रामीणों को जागरूक करना था।कार्यक्रम के दौरान आईओसीएल की विभिन्न तकनीकी और आपातकालीन टीमों ने मिलकर एक वास्तविक आपदा जैसी स्थिति का अभ्यास किया। इसमें सर्च पार्टी टीम, मेंटेनेंस टीम, फायर कॉम्बैट टीम और रेस्क्यू टीम सक्रिय रूप से शामिल रही। इनके अलावा जामताड़ा फायर ब्रिगेड और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामताड़ा की मेडिकल टीम ने भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मौके पर तत्परता दिखाई। सभी टीमों को पूर्व निर्धारित स्थानों पर तैनात किया गया था, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा जा सके।मॉकड्रिल के दौरान पाइपलाइन में संभावित रिसाव और आगजनी जैसी परिस्थितियों का सजीव प्रदर्शन किया गया। टीमों ने यह दिखाया कि किस प्रकार ऐसी स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर नुकसान को कम किया जा सकता है और आग पर काबू पाया जा सकता है। इस अभ्यास को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित थे, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से समझा और सुरक्षा उपायों की जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ग्रामीण जागरूकता अभियान भी रहा। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न संदेशों वाले बैनर और होर्डिंग लगाए गए। साथ ही पंपलेट का वितरण कर लोगों को आवश्यक जानकारियां दी गईं। ऑडियो विजुअल माध्यमों के जरिए ग्रामीणों को यह बताया गया कि पाइपलाइन के आसपास रहने वाले लोगों को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी खतरे की स्थिति में कैसे सतर्क रहना चाहिए।आईओसीएल के वरिष्ठ प्रबंधक राहुल आनंद ने इस मौके पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि पाइपलाइन की सुरक्षा केवल कंपनी की ही नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी भी स्थान पर पाइपलाइन से तेल का रिसाव दिखाई दे या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग और स्थानीय थाना को देनी चाहिए। इससे समय रहते बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और जान माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।उन्होंने सेफ्टी फर्स्ट, सेफ्टी मस्ट के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। अगर लोग जागरूक रहेंगे और समय पर सूचना देंगे, तो किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पाइपलाइन के आसपास किसी भी प्रकार की खुदाई या छेड़छाड़ न करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।इस मॉकड्रिल के माध्यम से यह भी बताया गया कि आगजनी की घटनाओं से कैसे बचा जा सकता है और यदि आग लग जाए तो प्राथमिक स्तर पर क्या कदम उठाने चाहिए। फायर कॉम्बैट टीम ने आग बुझाने की आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया, वहीं रेस्क्यू टीम ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया को समझाया। मेडिकल टीम ने भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के तरीकों का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के अंत में आयोजित सभा को जिला अग्निशमन पदाधिकारी सुधीर सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉकड्रिल न केवल कर्मचारियों के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी अत्यंत उपयोगी होते हैं। इससे लोगों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही कदम उठा पाते हैं।मंच संचालन आईओसीएल के प्रबंधक शशि किशोर कांत ने किया। कार्यक्रम में जामताड़ा अग्निशमन विभाग की गाड़ी, एम्बुलेंस सेवा और अन्य आवश्यक संसाधन भी मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे बेहद उपयोगी बताया।गौरतलब है कि हल्दिया बरौनी पाइपलाइन परियोजना के अंतर्गत आईओसीएल समय समय पर विभिन्न स्थानों पर इस तरह के मॉकड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। इसका उद्देश्य न केवल पाइपलाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी जागरूक और तैयार रखना है।इस सफल आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यदि सरकारी एजेंसियां, स्थानीय प्रशासन और आम जनता मिलकर काम करें, तो किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। ग्रामीणों में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
पाइपलाइन सुरक्षा पर आईओसीएल का बड़ा अभ्यास: मॉकड्रिल से ग्रामीणों को सिखाया सतर्कता और पर्यावरण संरक्षण का पाठ
