जामताड़ा महाविद्यालय में संविधान दिवस पर विचार–गोष्ठी, प्रोफेसरों ने रखे प्रभावी वक्तव्य

जामताड़ा। जामताड़ा महाविद्यालय में बुधवार को संविधान दिवस बड़े ही गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. कौशल ने की, जबकि संचालन अनिल कुमार टेटे द्वारा प्रभावशाली तरीके से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. रिजवान के ऐतिहासिक व्याख्यान से हुई, जिसमें उन्होंने भारतीय संविधान की व्यापकता और निर्माण प्रक्रिया पर विस्तृत प्रकाश डाला।

इसके बाद डॉ. राम स्नेही राम ने संविधान की धाराओं, मूल सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर केंद्रित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संविधान देश की सांवैधानिक एकता और न्याय व्यवस्था की मजबूत नींव है। वहीं प्रो. महादेव चंद्र यादव ने 26 नवंबर के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह दिन नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का स्मरण कराता है।

डॉ. एस. एन. बंद्योपाध्याय ने संविधान को शासन प्रणाली का जीवंत मार्गदर्शक बताते हुए इसके व्यावहारिक उपयोग पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ. अनमोल अमर बाबा, वंदना कुसुम एक्का, राजमति किस्कू, डॉ. शंकर पांडेय, डॉ. वीरेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. सोनेट किस्कू, डॉ. संजय सिंह, उर्मिला हांसदा सहित कई शिक्षकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

महाविद्यालय के प्रमुख सहायक समीर झा समेत शिक्षकेत्तर कर्मी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन प्रो. रेशमा टोप्पो के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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