जनजाति संध्या कॉलेज में मनाया गया मानवाधिकार दिवस, छात्रों में जागरूकता का संचार, प्राचार्य ने कहा, मानवता ही अधिकारों की असली बुनियाद

मिहिजाम। जनजाति संध्या डिग्री महाविद्यालय में विश्व मानवाधिकार दिवस विशेष गरिमा और जागरूकता के साथ मनाया गया। महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई 01 और 02 द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. कृष्ण मोहन साह ने की।

अपने प्रेरक संबोधन में प्राचार्य प्रो. साह ने कहा कि मानवाधिकार दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि मानव गरिमा, स्वतंत्रता और समानता की भावना को मजबूत करने का वैश्विक अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवाधिकार व्यक्ति की जाति, धर्म, भाषा या पहचान से परे सार्वभौमिक होते हैं और इन्हें केवल कानूनों में नहीं, जीवन के व्यवहार में उतारना ही असली जागरूकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, परंतु समाज और व्यक्तियों का संवेदनशील होना उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. देवकी पंजियारा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शबनम खातून द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम पदाधिकारी रंजीत यादव, बासुकीनाथ प्रसाद, अरविंद सिन्हा, जयश्री, पुष्पा टोप्पो के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने युवाओं में मानवाधिकारों की समझ, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता के प्रति संवेदनशीलता का नया संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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