झारखंड पुलिस को मिला आधुनिक ताकत का नया पहिया: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 1,485 वाहन सौंपे, 12 नए थानों का किया ऑनलाइन शिलान्यास

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी रांची। राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा आधुनिक बनाने की दिशा में झारखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को झारखंड विधानसभा परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में झारखंड पुलिस को 1,485 आधुनिक वाहनों का बेड़ा सौंपा। इसी अवसर पर उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में बनने वाले 12 नए थानों का ऑनलाइन शिलान्यास भी किया।मुख्यमंत्री ने रिमोट बटन दबाकर नए थानों की आधारशिला रखी और हरी झंडी दिखाकर पुलिस वाहनों को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए और उन्हें राज्य सेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड के गठन के 25 वर्षों के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आधुनिक वाहनों का बेड़ा पुलिस विभाग को एक साथ उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने इसे पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों से लेकर दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की है। ऐसे में आधुनिक संसाधनों और वाहनों की उपलब्धता से पुलिस की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि इन वाहनों की मदद से पुलिस घटनास्थल पर तेजी से पहुंच सकेगी और अपराध नियंत्रण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा पाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए वाहन और आधुनिक संसाधन मिलने से पुलिस की गश्त, निगरानी और त्वरित कार्रवाई की क्षमता में बड़ा सुधार होगा।उन्होंने कहा कि बेहतर निगरानी व्यवस्था के कारण अपराधियों पर अंकुश लगेगा और अपराध करने से पहले वे कई बार सोचने को मजबूर होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करना है ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने हाल ही में सामने आए धुर्वा थाना क्षेत्र के एक अपहरण मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दो नाबालिग बच्चों के अपहरण की घटना में झारखंड पुलिस ने बेहद तत्परता से कार्रवाई की और बच्चों को सुरक्षित बरामद किया। साथ ही इस मामले में सक्रिय एक अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना इस बात का उदाहरण है कि झारखंड पुलिस आधुनिक तकनीक और समर्पित प्रयासों के साथ अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों और आम जनता से भी अपील की कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि समाज में अपराध पर नियंत्रण केवल पुलिस के प्रयासों से ही संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए नागरिकों की जागरूकता और सहयोग भी जरूरी है।उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और समाज में शांति व सुरक्षा बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।प्रथम चरण में दिए गए 1,485 वाहनराज्य सरकार द्वारा झारखंड पुलिस के लिए कुल 1,255 पेट्रोलिंग वाहन और 1,697 दोपहिया वाहनों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से प्रथम चरण में 636 पेट्रोलिंग वाहन और 849 मोटरसाइकिल विभिन्न जिलों और पुलिस थानों को सौंपे गए।इन वाहनों का उपयोग गश्ती व्यवस्था को मजबूत करने, त्वरित प्रतिक्रिया, ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था तथा आपराधिक गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई के लिए किया जाएगा। इससे पुलिस की गतिशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है।इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो भी उपस्थित रहे। इसके अलावा राज्य सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, संजय प्रसाद यादव, इरफान अंसारी, दीपिका पांडे सिंह तथा शिल्पी नेहा तिर्की भी मौजूद रहे।कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना डाडेल तथा राज्य की पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक पदाधिकारी भी उपस्थित थे।समारोह में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी पुलिसकर्मियों से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और कमजोर एवं वंचित वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।राज्य सरकार के इस कदम को झारखंड में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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