मिहिजाम। सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के स्थापना दिवस के अवसर पर संथाल परगना क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह और उमंग देखने को मिला। इसी क्रम में जामताड़ा जिले की लाधना पंचायत से पार्टी के सक्रिय, समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ता दुमका में आयोजित स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्य समारोह में भाग लेने वालों में लाधना पंचायत की मुखिया पार्वती सोरेन के पति एवं झामुमो के सक्रिय कार्यकर्ता परिमल मरांडी के साथ छोटू लाल किस्कू, होलीराम कोल, साहेब लाल हेमराम और रविंद्र हेमराम प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम में पहुंचने से पूर्व और दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा पार्टी का झंडा थामकर संगठन के प्रति अपनी एकजुटता और निष्ठा का परिचय दिया।इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में खासा जोश और उत्साह देखने को मिला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंडी अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा का प्रतीक रहा है। पार्टी ने हमेशा शोषित, वंचित और आदिवासी समाज की आवाज़ को मजबूती से उठाया है और यह संघर्ष आगे भी निरंतर जारी रहेगा।कार्यकर्ताओं ने कहा कि झामुमो की असली ताकत उसका कार्यकर्ता है। जब तक हर कार्यकर्ता मजबूती, समर्पण और ईमानदारी के साथ संगठन के साथ खड़ा रहेगा, तब तक पार्टी निरंतर आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जताते हुए संगठनात्मक अनुशासन के साथ काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।स्थापना दिवस के मौके पर जामताड़ा सहित आसपास के इलाकों में झामुमो के झंडों, बैनरों और नारों से माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया। कार्यकर्ताओं ने इस दिन को पार्टी की संघर्षपूर्ण विरासत और संगठन की मजबूती का प्रतीक बताते हुए ऐतिहासिक करार दिया। दुमका में आयोजित मुख्य समारोह में वरिष्ठ नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने स्थापना दिवस को और भी भव्य बना दिया।
संथाल परगना में झामुमो स्थापना दिवस का उल्लास, दुमका में मुख्य समारोह में शामिल हुए लाधना पंचायत के जुझारू कार्यकर्ता
