जामताड़ा। जिले में पेसा कानून 1996 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही राजनीतिक और सामाजिक माहौल में नई ऊर्जा देखने को मिली। इस ऐतिहासिक निर्णय के समर्थन में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से शहर में विशाल रैली का आयोजन किया गया। झामुमो जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू के नेतृत्व में दुमका रोड स्थित पार्टी कार्यालय से निकली रैली ने शहर के मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए जनसमर्थन का जोरदार प्रदर्शन किया। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले के समर्थन में उत्साहपूर्ण नारे लगाए।कार्यक्रम के दौरान आदिवासी महापुरुष भगवान बिरसा मुंडा और सिद्धो–कान्हो की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। मौके पर सांसद प्रतिनिधि सह झामुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक मंडल ने कहा कि पेसा कानून से अनुसूचित क्षेत्रों के आदिवासियों को वास्तविक स्वशासन की शक्ति मिली है और ग्राम सभाओं को प्राकृतिक संसाधनों पर निर्णायक अधिकार प्राप्त हुआ है।अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष सागीर खान ने पूर्ववर्ती सरकारों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए हेमंत सरकार के निर्णय को ऐतिहासिक बताया। वहीं युवा नेता प्रदीप मंडल ने इसे आदिवासी समाज के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर कहा।रैली में रविंद्र नाथ दुबे, आनंद टुडू, असीत मंडल, परेश यादव, प्रो. कैलाश प्रसाद साव, देवीसन हांसदा, किशोर रवानी, सफीक अंसारी, मेरी मरांडी, लालू अंसारी, मदन मरांडी, वासुदेव मरांडी, रहीम अंसारी, अशरफ आलम, साकेश सिंह, सादिक अंसारी, अमित मंडल, रिजवान शेख, इमरान अंसारी, माखोनी मुर्मू, डोली बास्की, रेणु मुर्मू, महेंद्र टुडू और विष्णु देव मुर्मू सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। रैली ने जामताड़ा में आदिवासी स्वाभिमान और राजनीतिक एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया।
पेसा कानून लागू होने पर जामताड़ा में झामुमो का शक्ति प्रदर्शन, आदिवासी स्वशासन का उत्सव
