पेसा कानून और संताल परंपराओं की रक्षा को लेकर माँझी परगाना सरदार महासभा मुखर, जामजोरी में हुई अहम बैठक

जामताड़ा। माँझी परगाना सरदार महासभा फतेहपुर प्रखंड समिति की ओर से जामजोरी पंचायत सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आदिवासी स्वशासन व्यवस्था और परंपरागत अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। बैठक की अध्यक्षता राधामठ के माँझी बाबा कालीश्वर सोरेन ने की।बैठक में पेसा कानून, संताल सिविल रूल्स 1946, संताल परगाना जस्टिस रेग्युलेशन 1893 में प्रस्तावित संशोधन तथा ग्राम सभा के पारंपरिक पदधारियों में माँझी, नाईकी, पारानीक, गोडित, कुडाम नाईकी, भद्दो, लासेरसाल, जोगप्रणिक, जोगमांझी और सुसारिया को सम्मान राशि दिए जाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक एवं महासभा के संरक्षक सुनील कुमार बास्की ने कहा कि पेसा कानून 1996 का कैबिनेट से पारित होना सकारात्मक कदम है, लेकिन नियमावली सार्वजनिक नहीं होने से ग्रामीणों में असमंजस बना हुआ है। उन्होंने बिना किसी संशोधन के पेसा कानून लागू करने की मांग की।जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने स्पष्ट कहा कि पेसा नियमावली और परंपरागत कानूनों से छेड़छाड़ के खिलाफ महासभा का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार ग्राम सभा का अध्यक्ष माँझी ही होगा और ग्राम सभा को वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार मिलने चाहिए।बैठक में माँझी वकील मरांडी, बिशु टुडू, कामदेव टुडू, नाईकी बाबुश्वर हेंब्रम, मुरील मरांडी, भद्दो देविश्वर पाँवरिया, जोगमांझी सुनिलाल टुडू, निर्मल मुर्मू, मुंगेर टुडू, पारानीक मिस्त्री पाँवरिया, पशुपति हांसदा, दुर्योधन हेंब्रम और गोडित अर्जुन मरांडी सहित अनेक सामाजिक पदधारी उपस्थित रहे।

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