जामताड़ा। राष्ट्रीय प्रेस दिवस 2025 के अवसर पर रविवार को जिला जनसंपर्क कार्यालय, जामताड़ा में एक महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार ने की। परिचर्चा का विषय था— “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण”, जिस पर मीडिया प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत विमर्श हुआ।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो नागरिकों की आँख और कान बनकर कार्य करता है। यह जनमत को दिशा देने, समाज में जागरूकता लाने और शासन को जवाबदेह बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाता है। परंतु आज प्रेस को फर्जी खबरों, पेड न्यूज, विज्ञापन-प्रेरित रिपोर्टिंग और पीत पत्रकारिता जैसी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है, जिससे उसकी विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के विस्तार के साथ समाचार की रफ्तार तो बढ़ी है, लेकिन तथ्य जांच और सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। कई बार पहले खबर दिखाने की होड़ में सटीकता से समझौता हो जाता है, जिसका सीधा असर लोगों के विश्वास पर पड़ता है। उप विकास आयुक्त ने अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक पत्रकार को खबर प्रकाशित करने से पहले सत्यता की अनिवार्य जाँच करनी चाहिए, ताकि मीडिया की साख बरकरार रह सके।
परिचर्चा में मौजूद पत्रकारों ने भी अपने विचार रखे और डिजिटल पत्रकारिता में बढ़ती फेक न्यूज की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रेस की विश्वसनीयता को मजबूत करने के लिए नैतिक पत्रकारिता, तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग और आत्म-नियमन की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का समापन यह संदेश देते हुए हुआ कि विश्वसनीय प्रेस ही मजबूत लोकतंत्र की बुनियाद है।
