नाला (जामताड़ा)। नाला स्थित डिग्री कॉलेज परिसर में आदिवासी छात्र संघ के तत्वावधान में सोहराय मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा अध्यक्ष सह स्थानीय विधायक रविंद्र नाथ महतो रहे। उनके आगमन पर आदिवासी परंपरा के अनुसार लोटा में जल लेकर नृत्य, गीत और पुष्पवर्षा के साथ जोरदार स्वागत किया गया। समारोह की शुरुआत सिदो-कान्हु के चित्र पर माल्यार्पण से हुई, जिसके बाद आयोजक समिति ने अंग वस्त्र और बुके भेंट कर विधानसभा अध्यक्ष को सम्मानित किया।इस अवसर पर रविंद्र नाथ महतो ने सोहराय पर्व को संथाल समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान बताते हुए कहा कि जहां-जहां संथाल समाज निवास करता है, वहां यह पर्व परंपरा और आस्था के साथ मनाया जाता है। उन्होंने बांग्ला पदांश का उल्लेख करते हुए कहा कि धान की फसल के खलिहान पहुंचते ही यह पर्व पूर्वजों की स्मृति और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बन जाता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता के लिए आवश्यक बताया।कार्यक्रम को उप विकास आयुक्त सह सचिव निरंजन कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति ही मानवीय मूल्यों की आधारशिला है और इसे संजोकर रखना समाज की जिम्मेदारी है। देश मांझी परगना बाईसी के संथाल परगना सलाहकार सुनील हेम्ब्रम ने भी पर्व की परंपरा पर प्रकाश डाला। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुणमय दास ने दिसोम सोहराय की महत्ता पर अपने विचार रखे।मौके पर जिला परगना जगदीश मुर्मू, परगनैत बाणेश्वर टुडू, छात्र संघ अध्यक्ष अभिषेक हेम्ब्रम, सचिव दिनेश मुर्मू, कोषाध्यक्ष विकास सोरेन, उप कोषाध्यक्ष दीपक बास्की, आरविद हेम्ब्रम सहित बड़ी संख्या में समाज के पदधारक, छात्र-छात्राएं तथा शिक्षक-कर्मचारी उपस्थित रहे। मंच संचालन सुरेश कुमार मुर्मू और अशोक बास्की ने किया।
सोहराय की सांस्कृतिक छटा से सराबोर हुआ नाला डिग्री कॉलेज, विधानसभा अध्यक्ष का पारंपरिक स्वागत
