नौ महीने बाद भी अधर में 782 आवास—मिहिजाम में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों की बढ़ी बेचैनी, स्वीकृति अटकी तो सपनों का घर भी अटका

मिहिजाम। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत चयनित 782 नए लाभुक अब भी अपने पक्के घर का सपना पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025–26 की शुरुआत को नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन पात्र लाभुकों को अब तक योजना की पहली किस्त भी जारी नहीं की गई है। लंबे इंतजार से लाभुकों में निराशा गहराने लगी है।

करीब छह माह पहले मिहिजाम नगर परिषद के विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में योग्य आवेदकों ने नगर परिषद कार्यालय में फॉर्म जमा किया था। उम्मीद थी कि विभागीय स्वीकृति मिलते ही उन्हें आवास निर्माण के लिए राशि भेज दी जाएगी। लेकिन अप्रैल से नवंबर तक समय बीत जाने पर भी किसी प्रकार की प्रगति नहीं होने से लोग चिंता में हैं।

नगर परिषद कार्यालय के नगर प्रबंधक विजय कुमार ने बताया कि नए लाभुकों की सूची लगभग छह माह पहले ही नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड को अनुमोदन हेतु भेज दी गई थी। लेकिन अब तक विभागीय स्तर से स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा—
“जैसे ही राज्य सरकार से मंजूरी प्राप्त होगी, सभी नए लाभुकों को राशि जारी कर दी जाएगी। प्रक्रिया पूरी तरह विभागीय स्वीकृति पर निर्भर है।”

वहीं दूसरी ओर लाभुकों का कहना है कि वे कई बार नगर परिषद के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें कोई निश्चित तारीख या समयसीमा नहीं बताई जा रही। महंगाई के दौर में निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि समय पर राशि जारी नहीं होने से उनके घर बनाने की योजना बाधित हो रही है।

स्थानीय नागरिकों ने विभाग से अनुरोध किया है कि प्रक्रिया में तेजी लाते हुए शीघ्र स्वीकृति दी जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवार अपने घर के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकें। लोगों का मानना है कि अगर विलंब इसी तरह जारी रहा, तो निर्माण लागत और बढ़ेगी, जिससे उनके लिए आवास बनाना और कठिन हो जाएगा।

मिहिजाम के लाभुकों की निगाहें अब राज्य सरकार की मंजूरी पर टिकी हैं, जिससे उनके “पक्के घर” का सपना हकीकत बन सके।

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