जामताड़ा में साइबर ठगों पर पुलिस का शिकंजा: मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने बताया कि एक संगठित साइबर ठगी गिरोह के छह सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई को जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के पदमडीह गांव के समीप जंगल में कुछ संदिग्ध लोग साइबर ठगी के कार्य में संलिप्त हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और मौके से छह आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।पकड़े गए अपराधियों में उज्जवल कुमार शाही, राजेंद्र मंडल, राज किशोर शाही, अजीत कुमार मंडल, अमित कुमार शाही और कुंदन कुमार मंडल शामिल हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से 13 मोबाइल फोन, 18 सिम कार्ड, 4 मोटरसाइकिल और एक लैपटॉप बरामद किया है। ये सभी उपकरण साइबर ठगी को अंजाम देने में इस्तेमाल किए जा रहे थे।पुलिस जांच में सामने आया है कि उज्जवल कुमार शाही इस पूरे गिरोह का सरगना है। वह लंबे समय से साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था। एसपी के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक करीब दो करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की है। गिरोह के सदस्य अलग अलग भूमिकाओं में काम करते थे, जिससे उनका नेटवर्क काफी मजबूत और संगठित बन गया था।यह गिरोह लोगों को ठगने के लिए बेहद चालाकी से काम करता था। आरोपी गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर देते थे, जिससे जरूरतमंद लोग उनके जाल में फंस जाते थे। जब कोई व्यक्ति सहायता के लिए इन नंबरों पर कॉल करता, तो उसे विभिन्न बहानों से एक फॉर्म भरवाया जाता था। इस प्रक्रिया के दौरान आरोपी बैंकिंग डिटेल्स हासिल कर लेते और फिर खातों से पैसे उड़ा लेते थे।पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इंटरनेट पर उपलब्ध किसी भी कस्टमर केयर नंबर पर आंख बंद कर भरोसा न करें। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी लें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या व्यक्तिगत विवरण साझा करने से बचें।जामताड़ा पुलिस लगातार साइबर अपराध के खिलाफ अभियान चला रही है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस अब तकनीकी अपराधों को लेकर पहले से अधिक सतर्क और सक्रिय है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी, ताकि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अकेले काम नहीं कर रहा था, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। ऐसे में आगे की जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस इस दिशा में लगातार काम कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जामताड़ा जैसे क्षेत्रों में साइबर अपराध भले ही चुनौती बना हुआ हो, लेकिन पुलिस की सक्रियता और रणनीति के सामने अपराधियों की एक नहीं चल रही है। साथ ही, यह घटना आम लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *