तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। जामताड़ा जिले के मिहिजाम क्षेत्र में फायर ब्रिगेड स्टेशन की स्थापना को लेकर स्थानीय स्तर पर मांग अब जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के अंबेडकर नगर निवासी कृष्णा राम ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए जिला उपायुक्त को एक लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने अपने आवेदन के माध्यम से मिहिजाम में तेजी से बढ़ती आबादी, शहरीकरण और उससे उत्पन्न संभावित अग्निकांड की घटनाओं पर चिंता जताई है।कृष्णा राम ने बताया कि मिहिजाम अब केवल एक छोटा कस्बा नहीं रह गया है, बल्कि यह तेजी से विकसित हो रहा एक महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र बन चुका है। यहां नए नए मकान, दुकानें, छोटे बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठान और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में आग लगने जैसी दुर्घटनाओं की संभावना भी पहले की तुलना में अधिक हो गई है। लेकिन इसके बावजूद यहां अब तक कोई स्थायी फायर ब्रिगेड स्टेशन स्थापित नहीं किया गया है, जो चिंता का विषय है।उन्होंने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि जब भी किसी इलाके में आग लगने की घटना होती है, तो स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आसपास के अन्य शहरों या क्षेत्रों से बुलाना पड़ता है, जिससे मौके पर पहुंचने में काफी समय लग जाता है। इस देरी के कारण कई बार आग विकराल रूप धारण कर लेती है और तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है।स्थानीय लोगों के अनुसार, मिहिजाम में बीते कुछ वर्षों में कई छोटी बड़ी आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकि कई बार लोगों की सूझबूझ और सामूहिक प्रयासों से हालात पर काबू पा लिया गया, लेकिन हर बार ऐसा संभव नहीं होता। यदि समय पर फायर ब्रिगेड की सहायता उपलब्ध न हो, तो जान माल की भारी क्षति हो सकती है।कृष्णा राम ने उपायुक्त से अपील करते हुए कहा कि मिहिजाम की भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या को देखते हुए यहां एक अत्याधुनिक फायर ब्रिगेड स्टेशन की स्थापना बेहद आवश्यक है। इससे न केवल आग लगने की घटनाओं में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सकेगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।उन्होंने यह भी कहा कि फायर ब्रिगेड स्टेशन बनने से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और वे किसी भी आपात स्थिति में अधिक सजग और आत्मविश्वासी महसूस करेंगे। साथ ही, इससे प्रशासन की आपदा प्रबंधन क्षमता भी बेहतर होगी।इस मांग को लेकर मिहिजाम के अन्य स्थानीय निवासियों ने भी समर्थन जताया है। लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं, तो बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं का भी विस्तार होना चाहिए। फायर ब्रिगेड स्टेशन जैसी जरूरी सुविधा का अभाव किसी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।स्थानीय व्यापारियों का भी मानना है कि बाजार क्षेत्र में आग लगने की स्थिति सबसे अधिक खतरनाक होती है, क्योंकि यहां घनी आबादी और ज्वलनशील सामग्री की भरमार होती है। ऐसे में अगर समय पर आग पर काबू नहीं पाया गया, तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता है। इसलिए फायर ब्रिगेड स्टेशन की स्थापना अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है।कृष्णा राम ने अपने आवेदन में यह भी सुझाव दिया है कि प्रशासन मिहिजाम में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर जल्द से जल्द फायर ब्रिगेड स्टेशन की स्थापना की दिशा में कदम उठाए। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि प्रशासन इस दिशा में पहल करता है, तो स्थानीय लोग भी हर संभव सहयोग देने को तैयार हैं।अंत में उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मांग नहीं, बल्कि पूरे मिहिजाम क्षेत्र की सामूहिक आवश्यकता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मांग को कितनी गंभीरता से लेता है और मिहिजाम के लोगों को कब तक इस महत्वपूर्ण सुविधा का लाभ मिल पाता है।
मिहिजाम में बढ़ता आग का खतरा, फायर ब्रिगेड स्टेशन की मांग तेज
