जामताड़ा। जामताड़ा में सागुन सोहराय का पर्व इस वर्ष केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभावनाओं और सामाजिक एकजुटता का विशाल उत्सव बनकर उभरा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के आवास परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 40 हजार से अधिक आदिवासी समाज की मौजूदगी ने इतिहास रच दिया। पारंपरिक वेश भूषा, ढोल मांदर की थाप और नृत्य की लय ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने आदिवासी समाज को सागुन सोहराय की शुभकामनाएं दीं और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार आदिवासियों के अधिकार और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विशाल जनसमूह को देखकर भावुक होते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इसे 35 वर्षों से चली आ रही सामाजिक परंपरा का परिणाम बताया, जिसमें सभी धर्म और समुदाय एक साथ जुड़ते आए हैं।ठंड को देखते हुए करीब 40 हजार लोगों के बीच कंबल वितरण किया गया, जिससे जरूरतमंदों के चेहरे खिल उठे। वहीं आदिवासी नृत्य प्रतियोगिता कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार और मांदर देकर सम्मानित किया गया।इस भव्य आयोजन ने जामताड़ा को एक बार फिर सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव और जनसमर्थन का प्रतीक बना दिया।
सागुन सोहराय ने बदला जामताड़ा का नज़ारा, आदिवासी एकजुटता का बना ऐतिहासिक मंच
