तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। हावड़ा–नई दिल्ली मुख्य रेलखंड पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जयनगर से पुरी जा रही 18420 डाउन जयनगर–पुरी एक्सप्रेस के एक कोच से अचानक धुआं निकलने लगा। यह घटना जामताड़ा और विद्यासागर रेलवे स्टेशन के बीच पोल संख्या 253/20 के पास, सहाना गांव के नजदीक हुई। अचानक उठे धुएं ने यात्रियों में दहशत फैला दी और कुछ समय के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन सामान्य गति से चल रही थी तभी जनरल कोच से घना धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते बोगी में बैठे यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। किसी अनहोनी की आशंका से डरे लोग अपनी जान बचाने के लिए जैसे ही ट्रेन रुकी, तुरंत नीचे उतरने लगे। कई यात्री इधर-उधर भागते नजर आए, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। आसपास के ग्रामीण भी इस अचानक घटनाक्रम से घबरा गए।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। संबंधित अधिकारियों और तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया। स्टेशन मास्टर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला ब्रेक बाइंडिंग का पाया गया है। इस तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन के पहियों में अत्यधिक घर्षण उत्पन्न हो गया, जिससे धुआं निकलने लगा। हालांकि, समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और किसी बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया।रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित कोच और ब्रेक सिस्टम की गहन जांच की। सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन को लगभग आधे घंटे तक रोके रखा गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगे की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। जांच के दौरान सभी जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए गए और जब स्थिति सामान्य पाई गई, तब ट्रेन को पुनः अपने गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि किसी भी यात्री के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में काफी डर और बेचैनी देखने को मिली। कई यात्रियों ने बताया कि धुआं उठते ही उन्हें लगा कि कहीं आग न लग गई हो, जिससे वे घबरा गए और तुरंत ट्रेन से उतरने लगे।रेलवे प्रशासन ने घटना के बाद बयान जारी करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस तरह की तकनीकी समस्याओं को रोकने के लिए नियमित जांच और निगरानी की जाती है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेक बाइंडिंग एक सामान्य लेकिन गंभीर तकनीकी समस्या हो सकती है, जिसमें ब्रेक शूज पहियों से चिपक जाते हैं और घर्षण बढ़ने से गर्मी उत्पन्न होती है। अगर समय रहते इसका समाधान न किया जाए तो यह बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में ट्रेन के चालक और तकनीकी स्टाफ की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण होती है।घटना के बाद कुछ समय तक रेलखंड पर हल्का असर जरूर पड़ा, लेकिन जल्द ही परिचालन सामान्य कर दिया गया। यात्रियों को आश्वस्त किया गया कि अब यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है और किसी तरह का खतरा नहीं है।जामताड़ा के पास हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी जरूर है, लेकिन रेलवे की तत्परता और समय पर की गई कार्रवाई के कारण एक संभावित दुर्घटना टल गई। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और ट्रेन अपनी निर्धारित यात्रा पर आगे बढ़ चुकी है।
चलती ट्रेन में उठा धुआं, यात्रियों में मची भगदड़, जामताड़ा के पास बड़ा हादसा टला
