नाला (जामताड़ा)। आरके प्लस टू उच्च विद्यालय, नाला के प्रांगण में पारंपरिक आदिवासी पर्व सोहराय को सामूहिक रूप से मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसको लेकर आदिवासी छात्र संगठन के सदस्यों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकगण के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें सर्वसम्मति से 8 जनवरी को भव्य रूप से सोहराय पर्व मनाने का निर्णय लिया गया।बैठक में आयोजन की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। तय किया गया कि कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक आदिवासी नृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा रीति-रिवाजों का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही विद्यालय के सभी वर्गों के छात्र छात्राओं, शिक्षकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों को आमंत्रित कर सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया जाएगा।विद्यालय के प्रधानाध्यापक उत्तम कुमार मंडल ने कहा कि सोहराय पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में अपनी जड़ों को जानने और संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। उन्होंने आदिवासी छात्र संगठन की पहल की सराहना करते हुए विद्यालय प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।आदिवासी छात्र संगठन के सदस्यों ने कहा कि सोहराय केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति, कृषि और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इस आयोजन से विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक चेतना और आपसी भाईचारे को मजबूती मिलेगी। बैठक में शिक्षक राजेश कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।
आरके प्लस टू विद्यालय में गूंजेगा सोहराय का उल्लास, 8 जनवरी को सांस्कृतिक उत्सव की तैयारी
