करमाटांड़ में रफ्तार का कहर: दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, महिला समेत तीन गंभीर रूप से घायल

तहलका न्यूज 24 संवाददाता राजकुमार मंडल करमाटांड़। जामताड़ा जिले के करमाटांड़ थाना क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। हेट करमाटांड़ गांव के समीप दो मोटरसाइकिलों के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत में महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सवार लोग सड़क पर दूर जा गिरे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक स्प्लेंडर बाइक पर सवार दंपति करमाटांड़ बस्ती के निवासी हैं, जबकि दूसरी ओर से आ रही केटीएम बाइक का चालक भी उसी क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जो स्थानीय स्तर पर बस्ती का दामाद बताया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों बाइक तेज गति में थीं और आमने-सामने टकरा गईं, जिससे हादसा और भी खतरनाक हो गया।घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीणों ने हादसे की आवाज सुनते ही घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। सड़क पर घायल अवस्था में पड़े लोगों को देख हर कोई स्तब्ध रह गया। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए मानवता का परिचय देते हुए तत्काल राहत कार्य शुरू किया और 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी।स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने में मदद मिली। केटीएम बाइक चालक की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही थी, जिसे प्राथमिक उपचार के लिए नारायणपुर अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने स्थिति नाजुक देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर कर दिया। वहीं स्प्लेंडर बाइक पर सवार दंपति को करमाटांड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।डॉक्टरों के अनुसार, तीनों घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है। खासकर केटीएम चालक की स्थिति अधिक नाजुक बताई जा रही है, जिसके कारण उसे उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में भेजा गया है।हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। दुर्घटनाग्रस्त बाइकों के सड़क पर पड़े रहने से आवाजाही बाधित हो गई थी, जिसे बाद में ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मदद से हटाया गया। इस दौरान पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर आए दिन तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार प्रशासन से सड़क पर गति नियंत्रण के उपाय करने की मांग भी की गई, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हो पाई है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और नियमित निगरानी की व्यवस्था होती, तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता था।ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और यातायात नियमों का पालन करें।इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है, इसका यह ताजा उदाहरण है।फिलहाल तीनों घायलों का इलाज जारी है और उनके परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है। पूरे क्षेत्र में इस हादसे को लेकर चर्चा है और लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

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