तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। जिले में कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम और प्रसव पूर्व लिंग जांच जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला मुख्यालय में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उपायुक्त सह जिला समुचित प्राधिकारी रवि आनंद की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन, निगरानी व्यवस्था और नए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा से हुई। उपायुक्त रवि आनंद ने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि पिछले निर्देशों पर किस प्रकार की प्रगति हुई है और क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीसी पीएनडीटी अधिनियम का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह कानून समाज में बेटियों की सुरक्षा और समानता की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है।इस दौरान सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से सदर अस्पताल जामताड़ा में नई अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा गया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच और उपचार मिल सके। समिति के सदस्यों ने प्रस्ताव से जुड़े दस्तावेजों और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की।इसके अलावा जामताड़ा के कोर्ट मोड़ स्थित निजी क्लीनिक लाइफ लाइन पालीटेक्निक एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक द्वारा भी अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। समिति ने इस आवेदन के साथ संलग्न आवश्यक दस्तावेजों, नियमों के अनुपालन और अन्य औपचारिकताओं की गहन जांच की।समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद समिति ने दोनों प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान कर दी। इस निर्णय से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं मिलने की संभावना बढ़ गई है।बैठक के दौरान उपायुक्त रवि आनंद ने कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम को लेकर अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में लिंग अनुपात को संतुलित बनाए रखना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है और इसके लिए पीसी पीएनडीटी कानून का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच करवाना कानूनन अपराध है। यदि जिले के किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र की इस तरह की गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पीसी पीएनडीटी अधिनियम के तहत किसी भी चिकित्सक को भ्रूण का लिंग बताने की अनुमति नहीं है और ऐसा करना दंडनीय अपराध है।उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का समय समय पर निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक रजिस्टर, मशीनों के दस्तावेज और अन्य प्रक्रियाओं की जांच की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निरीक्षण के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।उन्होंने यह भी कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ साथ समाज की भी अहम भूमिका है। लोगों को जागरूक करना जरूरी है ताकि बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो और लिंग आधारित भेदभाव समाप्त हो सके।बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अवधेश्वरी प्रसाद नारायण देव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निलेश कुमार सहित अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने बैठक में अपने अपने सुझाव भी साझा किए और पीसी पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।बैठक के अंत में उपायुक्त ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के साथ साथ कानून का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह की बैठकों के माध्यम से समीक्षा जारी रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके और समाज में बेटियों की सुरक्षा तथा सम्मान को सुनिश्चित किया जा सके।
जामताड़ा में पीसी पीएनडीटी कानून पर सख्ती: जिला सलाहकार समिति की बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की निगरानी पर जोर
