चित्तरंजन में किशोरी की संदिग्ध मौत: अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांस, जांच में जुटी पुलिस

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी चित्तरंजन। शनिवार दोपहर एक दर्दनाक और संवेदनशील घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक 15 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने की खबर सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसे अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है, हालांकि स्थिति पूरी तरह शांत बताई जा रही है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 21 मार्च 2026 को लगभग दोपहर 1:00 बजे के आसपास के.जी. अस्पताल, चित्तरंजन से एक सूचना मिली, जिसमें एक किशोरी के संदिग्ध हालत में भर्ती होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी और मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।जांच के दौरान यह सामने आया कि मृतक के परिजनों द्वारा करीब 12:45 बजे के आसपास अस्पताल लाया गया था। वह उस समय पूरी तरह अचेत अवस्था में थी। किशोरी के पिता प्रशांत बैराग्या रेलवे कर्मचारी हैं और परिवार पश्चिम बर्धमान जिले के सालानपुर थाना क्षेत्र के अरविंद नगर (1) का निवासी है।अस्पताल सूत्रों के अनुसार, जैसे ही किशोरी को लाया गया, आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने बिना देर किए उसे गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कर लिया और जीवनरक्षक उपचार शुरू किया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद आईसीयू में मौजूद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं।घटना के समय अस्पताल परिसर में किशोरी की मां और अन्य परिजन भी मौजूद थे, जो इस अप्रत्याशित घटना से पूरी तरह टूट चुके थे। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था और अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए गमगीन माहौल बन गया। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए शव को सुरक्षित रूप से अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी एवं उनकी टीम भी मौके पर पहुंची। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई। सालानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चित्तरंजन क्षेत्र की पुलिस टीम, जिसमें एएसआई अनिरुद्ध गड़ाई और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, तुरंत अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मौके पर उपस्थित लोगों से पूछताछ की और प्रारंभिक साक्ष्य जुटाए।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला प्रथम दृष्टया संवेदनशील प्रतीत हो रहा है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। अभी तक किसी तरह की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।स्थानीय पुलिस द्वारा यह भी बताया गया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना या तनाव की सूचना नहीं है। क्षेत्र में शांति बनी हुई है और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उम्र में बच्चों को भावनात्मक सहयोग और समझ की बेहद आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में समय रहते सही मार्गदर्शन और संवाद बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।वहीं, स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और समाज को मिलकर ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ानी चाहिए। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार सामान्य था और किसी तरह की विशेष परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी, जिससे घटना और भी रहस्यमयी लग रही है।फिलहाल, पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी को फैलाने से बचें।कुल मिलाकर, यह घटना पूरे इलाके के लिए एक चेतावनी भी है कि हमें अपने आसपास के लोगों, खासकर बच्चों और किशोरों की मानसिक स्थिति पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने से ही इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले की असल तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल, पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी हुई है और हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

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