जामताड़ा। झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनर तले आजीविका मिशन कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को लगातार चौथे दिन भी समाहरणालय परिसर में जारी रहा। कार्यकारी जिला अध्यक्ष गणेश महतो के नेतृत्व में जुटे कर्मचारियों ने सरकार की उदासीनता पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए समान वेतन, एनएमएमयू मॉडल लागू करने और राज्यकर्मी का दर्ज़ा देने की माँग दोहराई।
कर्मी इक़बाल अहमद ने कहा कि वर्षों की सेवा के बाद भी न वेतन वृद्धि मिली और न ही आवश्यक सुविधाएँ। उन्होंने बताया कि पंचायत राज, मनरेगा, स्वास्थ्य समेत कई विभागों में अहम भूमिका निभाने के बावजूद आजीविका कर्मियों को उचित सम्मान नहीं मिलता।
उत्तम कुमार ने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में 10 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट मिल रहा है, लेकिन झारखंड में दो वर्षों से वेतन बढ़ोतरी लंबित है। साथ ही गृह जिला में पदस्थापना का नियम भी लागू नहीं हो पाया है, जिससे कर्मचारी निराश हैं।
धरना स्थल पर हीरक दास, कृष्ण कुमार, वीरेंद्र, अमित, दीपक वर्मा, कृष्ण गोपाल पाल, सोना लाल सोरेन, अमरेंद्र सोरेन, रविंद्र नाथ यादव, शिशिर माझी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
