फुट ओवरब्रिज बंद होने से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, जामताड़ा एसडीओ ने किया स्थल निरीक्षण

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। जामताड़ा रेलवे स्टेशन पर स्थित वर्षों पुराने फुट ओवरब्रिज को अचानक बंद किए जाने के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। पुल बंद होने से स्टेशन के दोनों ओर रहने वाले लोगों को बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इसी समस्या को देखते हुए जामताड़ा के सिविल एसडीओ अनंत कुमार ने रविवार को रेलवे स्टेशन पहुंचकर बंद पड़े फुट ओवरब्रिज का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।बताया जा रहा है कि यह फुट ओवरब्रिज स्टेशन के दोनों हिस्सों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग था। वर्षों से स्थानीय लोग, व्यापारी, छात्र और यात्री इस पुल का उपयोग स्टेशन के एक छोर से दूसरे छोर तक आने जाने के लिए करते थे। लेकिन हाल ही में रेलवे प्रशासन के निर्देश पर इस पुल को बंद कर दिया गया, जिसके बाद लोगों में असंतोष और चिंता का माहौल है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुल के बंद होने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। पहले जहां लोग कुछ ही मिनटों में स्टेशन पार कर बाजार या अन्य स्थानों तक पहुंच जाते थे, वहीं अब उन्हें लगभग 5 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है।सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को हो रही है। कई बुजुर्गों का कहना है कि पहले वे आसानी से पुल के माध्यम से बाजार या अस्पताल तक पहुंच जाते थे, लेकिन अब लंबा रास्ता तय करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। वहीं महिलाओं को भी घरेलू जरूरतों के लिए बाजार आने जाने में पहले की तुलना में ज्यादा समय लग रहा है।गौरतलब है कि जामताड़ा रेलवे स्टेशन का यह फुट ओवरब्रिज काफी पुराना हो चुका है। रेलवे के आसनसोल मंडल के डीआरएम के निर्देश पर शनिवार को इसे एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया। हालांकि पुल बंद होने के बाद लोगों की समस्याएं बढ़ने लगीं और लगातार इसकी शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुंचने लगीं।जनता की परेशानियों को देखते हुए जामताड़ा के उपायुक्त रवि आनंद ने मामले को गंभीरता से लिया और सिविल एसडीओ अनंत कुमार को मौके पर जाकर स्थिति की जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में एसडीओ ने रविवार को रेलवे स्टेशन पहुंचकर बंद किए गए फुट ओवरब्रिज का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने स्टेशन प्रबंधन से पुल की वर्तमान स्थिति, उसकी सुरक्षा और बंद करने के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्टेशन मास्टर से भी इस विषय पर चर्चा की और पुल की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर संभावित उपायों पर विचार विमर्श किया।एसडीओ ने निरीक्षण के दौरान यह भी देखा कि पुल बंद होने के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए पूरी स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि आगे आवश्यक कदम उठाए जा सकें।इस मौके पर जामताड़ा रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक एसके पासवान, आरपीएफ इंस्पेक्टर, चैंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष संजय अग्रवाल और अन्य रेलवे अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने पुल की स्थिति और सुरक्षा से जुड़ी तकनीकी जानकारी एसडीओ को दी।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो इस फुट ओवरब्रिज की जल्द मरम्मत कर इसे फिर से चालू किया जाए या फिर लोगों की सुविधा के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि यह पुल सिर्फ रेलवे यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के कई मोहल्लों के निवासियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है।फिलहाल प्रशासन द्वारा की गई जांच के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन और रेलवे मिलकर इस समस्या का क्या समाधान निकालते हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की परेशानियां कम हो सकें।

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