तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी जामताड़ा। जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जामताड़ा थाना क्षेत्र के दुलाडीह गांव के समीप हुए इस भीषण दुर्घटना में जियाजोरी निवासी एक मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हैं और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, जियाजोरी गांव की रहने वाली सलमा खातून अपने दो बेटों साहिल अंसारी और बिलाल अंसारी के साथ किसी काम से बाहर जा रही थीं। इसी दौरान दुलाडीह गांव के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कुछ समय के लिए वहां अफरा तफरी मच गई।घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और मानवता का परिचय देते हुए घायलों को तत्काल जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीनों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इसी दौरान इलाज के क्रम में मासूम साहिल अंसारी ने दम तोड़ दिया।साहिल की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे जियाजोरी पंचायत में मातम छा गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों के अनुसार, साहिल एक चंचल और होनहार बच्चा था, जिसकी असमय मौत ने सभी को अंदर तक झकझोर दिया है। उसके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।वहीं, घायल सलमा खातून और उनके छोटे बेटे बिलाल अंसारी की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। दोनों का इलाज चल रहा है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। परिजन और स्थानीय लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दुलाडीह रोड पर तेज रफ्तार वाहनों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के उपाय किए जाते, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना में शामिल वाहन और उसके चालक की जल्द से जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, सड़क पर स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक संकेतक और नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।स्थानीय समाजसेवियों ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर अब गंभीर कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिर्फ हादसे के बाद कार्रवाई करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पहले से ही सतर्कता बरतनी होगी।प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर हलचल तेज हो गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाही की कीमत मासूमों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। जरूरत है कि प्रशासन और आम जनता मिलकर सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
तेज रफ्तार का कहर: दुलाडीह सड़क पर मासूम की मौत, मां-बेटा जिंदगी से जूझ रहे
