जामताड़ा। जामताड़ा प्रखंड क्षेत्र के दुलाडीह स्थित नगर भवन में शनिवार को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ सशक्त संदेश देने वाली अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन परियोजना निदेशक आईटीडीए सह जिला प्रभारी जुगनू मिंज ने दीप प्रज्वलन कर किया। उनके साथ हेड क्वार्टर डीएसपी संजय कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम सहित अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जुगनू मिंज ने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ भी अन्याय है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड को बाल विवाह से मुक्त करने के लिए सबसे पहले अभिभावकों को जागरूक होना होगा, तभी समाज में स्थायी बदलाव संभव है। उन्होंने यह भी बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए सख्त कानून मौजूद है और आवश्यकता पड़ने पर उसका प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। मंच संचालन की भूमिका डॉ दुर्गादास भंडारी ने बखूबी निभाया।कार्यक्रम के दौरान नाटक के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर किया। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। डीएसपी संजय कुमार सिंह, डीईओ और अन्य वक्ताओं ने आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं से इस सामाजिक बुराई के खिलाफ अग्रिम पंक्ति में आकर काम करने की अपील की।
बाल विवाह के विरुद्ध एकजुट हुआ अनुमंडल, दुलाडीह में गूंजी बाल विवाह मुक्त झारखंड की हुंकार
