जामताड़ा। 12 फरवरी की प्रस्तावित राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में एआईकेएस और सीटू के संयुक्त बैनर तले शुक्रवार को अपराह्न 4 बजे से 6 बजे तक विभिन्न इलाकों में जागरूकता नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया। खास तौर पर मेजिया की हटिया और मौजरा बस्ती में आयोजित सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर, किसान और आम लोग शामिल हुए।सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला सचिव सुजीत कुमार माजी, सीटू नेता लखनलाल मंडल और चंडी दास पुरी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। चंडी दास पुरी ने कहा कि चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों के अधिकारों पर गंभीर चोट की गई है, जिससे शोषण को कानूनी संरक्षण मिल गया है। उन्होंने बीज विधेयक को किसानों के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे किसान अपनी ही उपज के बीज इस्तेमाल करने से वंचित हो जाएंगे।बिजली विधेयक 2025 पर बोलते हुए नेताओं ने कहा कि निजीकरण से महंगी बिजली, प्रीपेड और स्मार्ट मीटर के जरिए आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जाएगा। सुजीत माजी और लखनलाल मंडल ने मनरेगा को कमजोर कर सस्ते श्रम की व्यवस्था बनाने का आरोप लगाया।सभा में विजय राणा, भवानी, मालती, अनवर, सोनाराम, हिरवाकोल सहित कई कार्यकर्ता व रसोइया संघ की महिलाएं मौजूद रहीं। उपस्थित लोगों ने 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया।
12 फरवरी की राष्ट्रीय हड़ताल को लेकर गांव–बाजारों में गूंजा संघर्ष का स्वर
