कर्माटांड। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा शिक्षकों की सतत क्षमता विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 18 से 20 नवंबर तक तीन दिवसीय टीचर्स नीड असेसमेंट कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई है। जिलेभर के सभी प्रखंडों के चयनित विद्यालयों में यह कार्यक्रम एक साथ संचालित हो रहा है, जहाँ शिक्षकों के शैक्षणिक कौशल, विषयगत दक्षता और कक्षा संचालन क्षमता का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस आंकलन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की प्रशिक्षण आवश्यकता की पहचान कर उन्हें बेहतर एवं परिणामोन्मुख प्रशिक्षण से जोड़ना है। कर्माटांड़ प्रखंड में इस कार्यक्रम के लिए राजकीयकृत गुलाब राय गुटगुटिया प्लस टू विद्यालय करमाटांड़ को केंद्र बनाया गया है। कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को विभिन्न स्कूलों के शिक्षक उत्साहपूर्वक केंद्र पर पहुंचे और निर्धारित प्रक्रिया में शामिल हुए।
प्रथम पाली में 69 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने तथा द्वितीय पाली में 71 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। मूल्यांकन में शिक्षकों से विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे गए तथा कक्षा संचालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं का आंकलन किया गया।
कार्यक्रम का निरीक्षण जामताड़ा जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेम्ब्रम ने किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न कक्षाओं का भ्रमण कर मूल्यांकन प्रक्रिया की बारीकियों को समझा तथा शिक्षकों से प्रत्यक्ष फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा,
“टीचर्स नीड असेसमेंट शिक्षकों के पेशागत विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षक किस विषय या क्षेत्र में और अधिक प्रशिक्षण चाहते हैं। हमारा लक्ष्य जिले के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है, इसलिए टीएनए को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य किया गया है।” डीईओ ने आगे कहा कि विभाग शिक्षकों की पेशेवर दक्षता को नए शैक्षणिक मानकों के अनुरूप उन्नत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शिक्षण वातावरण प्रदान किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान बीपीओ सावित्री किस्कू, ऑपरेटर निधि कुमारी, शिक्षक रितेश कुमार, शिव शंकर मंडल, अमर नाथ दास, शंकर पंडित, ख्रीस्टीना हेम्ब्रम, मनस्वी झा सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
तीन दिवसीय यह कार्यक्रम शिक्षकों के कौशल संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
करमाटांड़ में शुरू हुआ तीन दिवसीय टीएनए कार्यक्रम, शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने पर जोर
