चित्तरंजन। रेल मंत्रालय द्वारा चिरेका की उत्पादन इकाई की पहचान कमजोर करने के कथित प्रयासों के खिलाफ चित्तरंजन रेलवे मेंस कांग्रेस ने 27 फरवरी को कारखाना परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर मंगलवार को चित्तरंजन के आर-7 मार्केट स्थित सीआरएमसी कार्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई।बैठक में यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार शाही और महासचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स भारतीय रेल की एक प्रतिष्ठित उत्पादन इकाई है, जिसकी पहचान अत्याधुनिक लोकोमोटिव निर्माण से जुड़ी रही है। उनका आरोप है कि नए वंदे भारत, अमृत भारत, हाइब्रिड या निर्यात योग्य इंजनों के निर्माण के बजाय पीओएच कार्य सौंपकर इसकी मूल पहचान को कमजोर किया जा रहा है। साथ ही अतिरिक्त कार्य के लिए नए कर्मियों की नियुक्ति नहीं होने से कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ेगा और प्रोत्साहन राशि पर भी असर पड़ेगा।बैठक में नेपाल चक्रवर्ती, अमित सिन्हा, अभिनव बोस, ए.पी. सिन्हा, विकास कुमार, शतीश पांडेय, रविनेश सिन्हा, राहुल कुमार और संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे। यूनियन नेताओं ने कहा कि चिरेका की गरिमा और श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन तेज किया जाएगा।
चिरेका की पहचान बचाने को 27 फरवरी को कारखाना परिसर में होगा विरोध प्रदर्शन
