जामताड़ा। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर अहारडीह गांव में जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन अत्यंत उत्साह और गौरव के साथ आयोजित किया गया। सुबह से ही मंच स्थल पर आदिवासी समुदाय का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मांदर की थाप, तीर-धनुष की झंकार और पारंपरिक झूम नृत्य ने पूरे क्षेत्र को उत्सवी माहौल में रंग दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेता हरिमोहन मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिरसा मुंडा की जयंती को देशभर में जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा का उलगुलान आंदोलन आज भी संघर्ष और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।
सम्मेलन में मांझी हाड़ाम मुंशी टुडू, नाईकी हाड़ाम गुनसी टुडू, जोग मांझी लखिन्द्र सोरेन, सुकशब टुडू, प्रभु टुडू, सजल टुडू, चांद हांसदा, सुबोध हांसदा, राजेश हांसदा और हीरालाल सोरेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। अंत में धरती आबा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और दो मिनट का मौन रखा गया।
