चित्तरंजन। चित्तरंजन के केजी अस्पताल में अव्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सीआरएमसी यूनियन ने नए प्रिंसिपल चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अजय कुमार को कई महत्वपूर्ण समस्याओं से अवगत कराया। यूनियन ने कहा कि नियमित मरीजों को केवल 10–15 दिन की दवाइयाँ देना असुविधाजनक है और इससे अस्पताल में अनावश्यक भीड़ बढ़ती है। उन्होंने मांग की कि ऐसे मरीजों को एक माह की दवाइयाँ एक साथ उपलब्ध कराई जाएँ।‘लोकल परचेज’ दवाओं में होने वाली देरी पर भी यूनियन ने नाराज़गी जताई और इसे 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने की व्यवस्था अनिवार्य करने की मांग रखी। एक्स-रे विभाग की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सुबह और शाम—दो शिफ्ट में कर्मियों की तैनाती पर भी ज़ोर दिया गया।कोलकाता स्थित बीआर सिंह और अन्य अस्पतालों में जाने वाले मरीजों को सिर्फ एक तरफ़ की यात्रा सुविधा मिलने को लेकर यूनियन ने ‘चेक पास’ लागू करने की आवश्यकता बताई, जिससे मरीज दोनों ओर आरक्षित यात्रा कर सकें। यूनियन ने कहा कि 9 जुलाई की पीएनएम बैठक में उठाए गए मुद्दों पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।बैठक में संजीव शाही, नेपाल चक्रवर्ती, कृष्णेंदु चटर्जी सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
केजी अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर यूनियन का जोरदार ऐतराज़, सीएमओ से की त्वरित सुधार की माँग
