कर्माटांड़। सरस्वती राजा मंदिर ग्राउंड में मंगलवार से शुरू हुए सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। विधिवत पूजा-अर्चना के साथ आरंभ हुए इस आयोजन में सुबह से ही श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ने लगी और पूरा पंडाल भक्ति भाव से भर गया।
मुख्य कथा वाचिका तान्या शरण ने मंगलाचरण के साथ कथा प्रारंभ करते हुए भागवत महापुराण के जीवन-सुधारक संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भक्ति मार्ग, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और कथा के प्रारंभिक अध्यायों को सरल और भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। कथा स्थल लगातार भजन-कीर्तन और हरे कृष्ण, हरे राम के जयघोष से गूंजता रहा।
स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया था। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और प्रसाद वितरण के लिए पुख्ता इंतजाम किए। कथा के अंत में भक्तों के बीच लड्डू का प्रसाद बांटा गया। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और एकता को बढ़ावा देते हैं।
आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा और रासलीला जैसे मुख्य प्रसंगों का विस्तृत वर्णन होगा। अंतिम दिन विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
