मिहिजाम में पोयला वैशाख की ऐतिहासिक धूम: दो दशक बाद निकली भव्य प्रभात फेरी, उमड़ा जनसैलाब

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी मिहिजाम। मिहिजाम नगर परिषद क्षेत्र में बंगला नववर्ष ‘पोयला वैशाख’ इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। झारखंड बंगाली समिति, मिहिजाम शाखा के बैनर तले आयोजित प्रभात फेरी ने पूरे शहर को पारंपरिक रंगों और उल्लास से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन का नेतृत्व समिति की अध्यक्ष नूपुर सरकार ने किया, जिनके मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।लगभग दो दशकों के लंबे अंतराल के बाद इस प्रकार का भव्य आयोजन होने से बंगाली समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरे मिहिजाम नगर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रभात फेरी की शुरुआत वार्ड संख्या 5 स्थित मल्लिक पाड़ा मोड़ से हुई, जहां से सैकड़ों लोग पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर शामिल हुए। प्रभात फेरी पी बनर्जी रोड, रेलवे स्टेशन समपार फाटक पार करते हुए मेन रोड के रास्ते इंदिरा चौक तक पहुंची।जैसे-जैसे प्रभात फेरी आगे बढ़ती गई, आम बगान, पाल बागान, गुरुद्वारा क्षेत्र और मुख्य बाजार के विभिन्न हिस्सों से बंगाली समुदाय के लोग इसमें शामिल होते गए। देखते ही देखते यह फेरी एक विशाल जनसमूह में तब्दील हो गई। एक नंबर गेट तक पहुंचने के बाद यह यात्रा पुनः इंदिरा चौक लौटी, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।पूरे मार्ग में बंगला गीतों की मधुर धुन, शंखनाद और पारंपरिक ‘उलु ध्वनि’ की गूंज ने वातावरण को पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे पारंपरिक बंगाली परिधान में नृत्य करते हुए इस सांस्कृतिक यात्रा को और भी आकर्षक बना रहे थे।इंदिरा चौक पर आयोजित समापन समारोह में बंगाली महिलाओं ने नववर्ष के गीत प्रस्तुत किए। इसके साथ ही ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ और “बंगाली एकता जिंदाबाद” तथा “भारत माता की जय” के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। यह दृश्य सांस्कृतिक एकता और देशभक्ति का अनूठा उदाहरण बन गया।इस अवसर पर नगर परिषद उपाध्यक्ष महावीर राय, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कमल गुप्ता, पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष शांति देवी, वार्ड पार्षद शंकर पंडित, संजू महतो और पूना बाउरी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कमल गुप्ता ने अपने संबोधन में विशेष रूप से बंगाली समाज की महिलाओं की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ही किसी भी संस्कृति को जीवित रखने की असली आधारशिला होती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की प्रभात फेरी का आयोजन पहली बार हुआ है और आने वाले वर्षों में इसे और भी भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने मिहिजामवासियों से अपील की कि वे सभी मिलकर इस सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाएं।समिति की अध्यक्ष नूपुर सरकार ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मिहिजाम के समस्त बंगाली समुदाय को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करते हैं।इस प्रभात फेरी में समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे। इनमें सचिव प्रियंका दास, कोषाध्यक्ष पार्थ दास, परिणीता रॉय, अन्ना मंडल, कल्पना चौधरी, कविता बासु, रिंकू मुखर्जी, नमिता मंडल, नाविक मंडल, अमित भद्र, दीपक चटर्जी, जयश्री दास, कल्पना मंडल, सतीनाथ मुखर्जी, आलो मुखर्जी, सुकुमार मंडल, बाबन धीवर, बबलू दत्ता, बाबुल घोष, प्रणव मित्रा, राम बाउरी, जॉली चक्रवर्ती, डॉली फौजदार, माधव रजक और प्रशांत कुंडू प्रमुख रूप से शामिल थे। इनके अलावा सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे इस आयोजन का हिस्सा बने।कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई दी और पारंपरिक रूप से मिठाई खिलाकर खुशियां साझा कीं। इस ऐतिहासिक आयोजन ने न केवल बंगाली समुदाय को एकजुट किया, बल्कि पूरे मिहिजाम में सांस्कृतिक एकता और उत्सव का संदेश भी फैलाया।

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