दोहरी चुनाव ड्यूटी पर भड़का आक्रोश, चिरेका कर्मियों ने जीएम ऑफिस के बाहर किया जोरदार प्रदर्शन

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी 27 अप्रैल 2026 चित्तरंजन। चित्तरंजन में सोमवार को कर्मचारियों का असंतोष खुलकर सामने आया, जब बड़ी संख्या में चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (चिरेका) के कर्मियों ने जीएम कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिक संगठन सीआरएमसी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन का मुख्य कारण एक ही कर्मचारियों को बार-बार चुनाव ड्यूटी पर लगाए जाने का मुद्दा रहा।प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने 23 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण की चुनाव ड्यूटी पूरी की थी, लेकिन इसके तुरंत बाद प्रशासन ने उन्हें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के लिए भी फिर से तैनात कर दिया। कर्मियों का कहना है कि इस तरह लगातार ड्यूटी देने से वे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हो रहे हैं, जो उनके अधिकारों का उल्लंघन है।विरोध के दौरान यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की सहमति के बिना इस प्रकार दोहरी ड्यूटी थोपना अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी चुनाव कर्मियों को उचित यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता दिया जाए। साथ ही, ड्यूटी के बाद घर लौटने में देरी होने पर वेतन कटौती न करने की भी मांग उठाई गई।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिरेका के मुख्य कार्मिक अधिकारी (सीपीओ) मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। सीपीओ ने कहा कि प्रशासन कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।इस दौरान यूनियन के महासचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि किसी भी कर्मचारी को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और प्रशासन को हर समस्या का समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ हालांकि प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में प्रशासनिक प्रबंधन के प्रति काफी नाराजगी जाहिर करते हुए कुछ समय के लिए उग्र दिखे। लेकिन अधिकारियों के आश्वासन के बाद कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट गए।प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया कि पश्चिम बर्धमान जिले के निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर बस सेवा को आसनसोल के बजाय चिरेका के गेट नंबर 3 से शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि कर्मचारियों को सुविधा मिल सके। यदि इस पर सहमति नहीं बनती है, तो स्टाफ बेनिफिट फंड से आने-जाने का खर्च और अल्पाहार के लिए भत्ता देने की व्यवस्था की जाएगी।अब कर्मचारियों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनकी मांगों को लेकर लिखित आदेश जारी किया जाएगा और इस समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा। प्रदर्शन में संजीव कुमार शाही, शौगत भट्टाचार्य, नेपाल चक्रवर्ती समेत सैंकड़ों की संख्या में अन्य सदस्य शामिल थे।

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