तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी 27 अप्रैल 2026 जामताड़ा। जामताड़ा के सदर अस्पताल में सोमवार को एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। आरोप है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला के शिशु की गर्भ में ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार, नीलदाहा गांव के निवासी सुबल गोराई अपनी पत्नी अष्टमी गोराई को लेकर परेशान हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी की संभावित तिथि 22 अप्रैल निर्धारित थी। तय समय बीत जाने के बाद भी प्रसव पीड़ा शुरू नहीं हुई, जिसके चलते 25 अप्रैल को वे अपनी पत्नी को जामताड़ा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद यह कहते हुए उन्हें वापस भेज दिया कि अभी प्रसव का समय नहीं आया है।परिजनों का आरोप है कि उस समय उन्होंने सोनोग्राफी कराने की भी मांग की थी, लेकिन डॉक्टरों ने इसे जरूरी नहीं समझा और टाल दिया। घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद अष्टमी गोराई को अचानक तेज दर्द शुरू हो गया। स्थिति बिगड़ती देख परिवार वाले तुरंत उन्हें दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे।अस्पताल पहुंचने पर जो जानकारी मिली, उसने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में ही शिशु की मृत्यु हो चुकी है। इस खबर के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका कहना है कि यदि समय रहते सही जांच और उपचार किया जाता, तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।घटना के बाद सुबल गोराई ने सिविल सर्जन को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।वहीं, सिविल सर्जन डॉ. शिवप्रसाद मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।यह घटना एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रही है, जिससे आम लोगों में चिंता और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
सदर अस्पताल पर उठे सवाल: कथित लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा
