असम चुनाव की आहट के बीच रांची में राजनीतिक मुलाकातें: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से लूरिनज्योति गोगोई और गौरव गोगोई ने की शिष्टाचार भेंट

तहलका न्यूज 24 संवाददाता काजल राय चौधरी रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में गुरुवार को राजनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण मुलाकातों का दौर देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से असम के दो प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान असम की राजनीतिक स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव और झारखंड में चल रही विकास योजनाओं समेत कई विषयों पर विचार विमर्श हुआ।सबसे पहले मुख्यमंत्री से लूरिनज्योति गोगोई ने मुलाकात की, जो असम जातीय परिषद के अध्यक्ष हैं। यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, कांके रोड रांची में हुई। शिष्टाचार भेंट के दौरान दोनों नेताओं के बीच समसामयिक राजनीतिक परिस्थितियों और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।सूत्रों के अनुसार इस दौरान असम में आने वाले समय में होने वाले विधानसभा चुनाव की संभावनाओं और वहां की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भी बातचीत हुई। इसके साथ ही झारखंड में चल रही विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, राज्य की सामाजिक आर्थिक स्थिति और क्षेत्रीय दलों की भूमिका जैसे मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा और दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान तथा राज्यों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर भी अपने विचार रखे। इस दौरान असम जातीय परिषद के अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी मौजूद थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री से संक्षिप्त चर्चा की और राज्य के विकास कार्यों की सराहना की।इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बाद में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने भी मुलाकात की। यह मुलाकात भी मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में ही संपन्न हुई।इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच आगामी असम चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई। साथ ही झारखंड में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, केंद्र और राज्य के समन्वय तथा देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तार से बातचीत हुई।मुलाकात के दौरान विकास, जनकल्याण और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचारों का आदान प्रदान हुआ। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी और राज्य में चल रहे विकास कार्यों की रूपरेखा साझा की।इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे। इसके अलावा झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के राजू भी इस मुलाकात में शामिल हुए। सभी नेताओं ने राज्य और देश के समसामयिक राजनीतिक विषयों पर अपने विचार रखे।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असम के दो प्रमुख नेताओं की यह अलग अलग मुलाकातें राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। हालांकि इन बैठकों को औपचारिक शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन इनमें आगामी चुनावी रणनीति और विभिन्न राज्यों के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इन मुलाकातों ने यह संकेत भी दिया कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति के स्तर पर विभिन्न दलों के नेताओं के बीच संवाद का सिलसिला जारी है। इस प्रकार की बैठकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचार विमर्श और समन्वय का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।दिनभर चली इन राजनीतिक मुलाकातों के बाद यह स्पष्ट हुआ कि झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों राजनीतिक संवाद का अहम केंद्र बनी हुई है। विभिन्न राज्यों के नेताओं का यहां आना और मुख्यमंत्री से मुलाकात करना यह दर्शाता है कि राज्यों के बीच राजनीतिक और विकासात्मक मुद्दों पर संवाद लगातार जारी है।इन मुलाकातों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है और इसे आगामी चुनावी रणनीतियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार मुलाकात ही बताया गया है, लेकिन इसमें हुए विचार विमर्श को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

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